
हाई स्कूल ढाका में आपार आईडी बनाने के नाम पर पैसों की उगाही का मामला
हाई स्कूल ढाका में आपार आईडी बनाने के लिए विद्यार्थियों से पैसे वसूलने का गंभीर मामला सामने आया है। अभिभावकों और विद्यार्थियों की शिकायतों के अनुसार, स्कूल में आपार आईडी के लिए सहमति पत्र (Consent Letter) पर मुहर लगवाने के नाम पर प्रति विद्यार्थी 20 रुपये वसूले जा रहे हैं।
विद्यार्थियों की शिकायत
छात्रों का कहना है कि स्कूल में सहमति पत्र पर स्कूल की मुहर लगे हुए फॉर्म को अनिवार्य बताया जा रहा है। यह फॉर्म बाहरी साइबर कैफे से मात्र 3-5 रुपये में उपलब्ध है, लेकिन स्कूल प्रशासन द्वारा जबरन स्कूल के भीतर ही 20 रुपये प्रति फॉर्म वसूलने का दबाव बनाया जा रहा है।
अभिभावकों की आपत्ति
अभिभावकों द्वारा जब स्कूल के प्रभारी प्रधानाध्यापक से इस बारे में पूछताछ की गई, तो उन्होंने कहा कि आपार आईडी निःशुल्क बनाई जा रही है और इस संबंध में नोटिस भी जारी किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी विद्यार्थी को कोई समस्या है, तो उसे सीधे मेरे पास भेजें।
जब यह मामला प्रधानाध्यापिका के समक्ष रखा गया, तो उन्होंने इस शिकायत को गंभीरता से लेने के बजाय यह कह दिया कि "जहां जाना है, जाइए।" ऐसा रवैया अभिभावकों को बेहद असंतोषजनक और असंवेदनशील लगा।
टोल-फ्री नंबर की पुष्टि
जब इस मामले को आपार आईडी संबंधित टोल-फ्री नंबर पर उठाया गया, तो स्पष्ट किया गया कि आपार आईडी बनाने के लिए किसी प्रकार की फीस (Fee) नहीं ली जाती है। यदि कहीं अवैध वसूली हो रही है, तो इसकी शिकायत support.digilocker.gov.in पर की जा सकती है।
विद्यार्थियों को डराने-धमकाने का गंभीर आरोप
स्कूल में छात्रों को धमकाए जाने का मामला सामने आया है। छात्रों का कहना है कि उन्हें स्कूल प्रशासन द्वारा स्पष्ट चेतावनी दी जाती है कि अगर उन्होंने स्कूल के मामलों की शिकायत स्कूल से बाहर मीडिया या किसी जनप्रतिनिधि से की, तो उनके नाम स्कूल से काट दिए जाएंगे।
इस तरह की धमकियों के चलते अधिकांश छात्र अपनी समस्याओं को व्यक्त करने या शिकायत दर्ज कराने से डरते हैं। यह स्थिति न केवल छात्रों की मानसिक स्थिति पर नकारात्मक प्रभाव डालती है, बल्कि उनके अधिकारों का हनन भी करती है।
अभिभावकों और समाज के लिए यह एक चिंताजनक विषय है, क्योंकि छात्रों को भयमुक्त और सुरक्षित माहौल में पढ़ाई करने का अधिकार है। प्रशासन को इस मामले की जांच कर छात्रों के हित में उचित कदम उठाने चाहिए।

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